ब्रेकिंग न्यूज़

बिना लोको पायलट चली मालगाडी को लेकर विभाग के 6 कर्मियों पर गिरी गाजपंजाब पुलिस में तीन आईपीएस और 23 पीपीएस अधिकारियों के तबादले10 हजार रिश्वत लेता होम गार्ड जवान गिरफ्तार दर्ज हुए मामले में आरोपियों की मदद के लिए ले रहा था पैसेदेखिए कैसे पंजाब पुलिस के लिए सिर दर्द बन गया मुर्गाआईडीएफसी बैंक का मैनेजर 40 हजार रिश्वत लेता गिरफ्तारखुल गए स्वर्ण जड़ित कपाट, भगतजनो ने किए राम दर्शनसतलुज पुल पर चलती वैन को लगी आग, धू धू कर हुई स्वाहादुनिया को परेशान करने वाला चीन खुद परेशान, तेज़ी से बूढ़ा हो रहा है यह देशराम मन्दिर के लिए UP सरकार 6 जिलों से शुरू कर रही है हेलीकॉप्टर सेवामोबाइल की दुनिया में बहुत जल्द होने वाला है क्रांतिकारी परिवर्तनबेंगलुरु में चरम पर पहुंचा रोमांच, 2 सुपर ओवर के बाद जीता भारतस्टेट फार्मेसी कौंसिल रजिस्ट्रारों की मिलीभुगत से डी-फार्मेसी में दाखि़ला व डिग्रियाँ जारी करने वाले 4 और गिरफ़्ताररेव पार्टियों में नशे के लिए सांप का जहर उपलब्ध कराने वाला तस्कर गिरफ्तारअब कौन सा मुंह लेकर पंजाबियों के बीच जाएंगे सुनील जाखड़ : सीएमज़मीन के इंतकाल के लिए 7 लाख रिश्वत लेता तहसीलदार और दो पटवारी गिरफ़्तार

त्याग, तपस्या और साधना-समर्पण की मूर्ति ‘धर्माचार्य’ साध्वी बालकदास जी महाराज, हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए

😊 Please Share This News 😊


National News Reports
Spread the love

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस, (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । हमारे देश और समाज में माताओं की सदा ही महिमा की जाती रही है । मातृशक्ति जिन्होंने अपनी त्याग, तपस्या और समर्पण द्वारा देश और रैगर समाज कल्याण में अपना योगदान दिया । ऐसी ही त्याग, तपस्या और साधना- समर्पण की मूर्ति साध्वी बालकदास जी महाराज थी l हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए । वर्तमान में रैगरों की नयी पीढ़ी को त्याग एवं तपस्या से अवगत कराने तथा उनमें सदगुणों का समावेश करवाने के लिए रामदेवरा में स्थित अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला के प्रांगण में महान तपस्वी साध्वी बालकदास जी महाराज की मूर्ति की स्थापना विधि-विधान द्वारा रैगर समाज के सैंकड़ो नर-नारियों की उपस्थिति में की गयी ।

रैगर समाज के हजारों लोग प्रतिवर्ष बाबा रामदेव के दर्शनार्थ रामदेवरा आते हैं । रामदेवरा में कई समाजो की अपनी अपनी धर्मशालाएँ बनी हुई हैं लेकिन रैगर समाज की कोई धर्मशाला नहीं थी । रैगर समाज के यात्रियों के ठहरने की कोई सुविधा नहीं थी, जिसके कारण रैगर यात्रियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता था । रैगर यात्री बाबा के पाल पर खुले में रात बिताया करते थे l रैगर समाज की इस पीड़ा और दर्द को साध्‍वी बालकदासजी महाराज ने महसूस किया और बाबा रामदेव मंदिर में आराधना करते हुए संकल्‍प लिया कि मैं मेरा शेष जीवन समाजसेवा और समाज सुधार के कार्यों में ही व्‍यतीत करूंगी और रामदेवरा में रैगर धर्मशाला बनवा कर समाज को समर्पित करूंगी ।

इस संकल्‍प को पूरा करने के लिए उन्‍होंने समस्त रैगर समाज के घर घर जाकर रैगर धर्मशाला के लिए जागृति पैदा की, क्योंकि यह कार्य समस्त समाज के सहयोग से ही पूरा हो सकता था । साध्‍वी बालक दास जी महाराज की निस्‍वार्थ सेवा भावना को देखकर रैगर समाज के लोगो ने उदार हृदय से दान दिया । एकत्रित धनराशि से बालकदासजी ने रामदेवरा में 100×100 वर्ग फुट का भूखण्‍ड खरीदा । दिनांक 21 अप्रैल 1983 को रामनवमी के दिन रामदेवरा के सरपंच नरवतसिंहजी के कर-कमलों से रैगर धर्मशाला का शिलान्‍यास करवाया । उसके बाद में उन्हें लगा कि विशाल रैगर समाज के लिए यह प्लाट छोटा है और उन्होंने बाद में साथ वाला दूसरा और प्लाट भी ख़रीद लिया l

साध्‍वी बालकदासजी की समाज सेवा एवं जनकल्‍याण के कार्यों से प्रभावित होकर श्रीराम जनमण्‍डल, दिल्‍ली ने इन्‍हें ‘धर्माचार्य’ की उपाधि से सम्‍मानित किया । आपकी अमूल्‍य सेवाओं को देखते हुए अखिल भारतीय रैगर महासभा द्वारा विज्ञान भवन दिल्‍ली में आयोजित पंचम सम्‍मेलन में 27 सितम्‍बर, 1986 को भारत के तात्‍कालीन राष्‍ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह के कर-कमलों से ‘श्रेष्‍ठ रैगर महिला सेविका’ की उपाधि से अलंकृत किया गया ।

साध्‍वी बालकदासजी महाराज के अथक प्रयासों से उक्त प्लाट पर यात्रियों के ठहरने हेतु 72 कमरों की एक विशाल धर्मशाला रामदेवरा में बनकर तैयार हो गई । धर्मशाला परिसर में गुरु जीवारामजी महाराज की मूर्ति स्‍थापित करवाई । इस धर्मशाला का उद्घाटन दिनांक 26 अगस्त 2001 को छोगाराम बाकोलिया (यातायात मंत्री, राजस्‍थान सरकार) की अध्‍यक्षता में आयोजित एक विशाल समारोह में राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किया गया ।

साध्‍वी बालकदासजी धर्माचार्य का निधन दिनांक 16 जुलाई, 2008 को जयपुर में हो गया । उनकी अंतिम इच्‍छानुसार रामदेवरा में रैगर धर्मशाला परिसर में दिनांक 17 जुलाई, 2008 को राजस्‍थान, दिल्‍ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, मध्‍य प्रदेश एवं महाराष्‍ट्र से आए हजारों भक्‍तों की उपस्थिति में अंतिम संस्‍कार कर दिया गया । रैगर समाज साध्‍वी बालकदास धर्माचार्य की अमूल्‍य सेवाओं को श्रद्धा के साथ हमेशा याद करता रहेगा ।

श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य के स्वर्ग सिधारने के बाद से पूज्यनीया श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य ने जो सपना देखा था कि रैगर समाज की विशाल धर्मशाला हो जो आधुनिक सुविधाओ से सुसज्जित हो उस सपने को साकार करने में नेतराम पिंगोलिया के नेतृत्व में अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला की कार्यकारिणी की टीम निरंतर निर्माण कार्य करते हुए समाज के दानदाताओ/भामाशाहो के सहयोग से आज तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक सर्व सुविधा युक्त 28 वातानुकूलित कमरें धर्मशाला में उपलब्ध है l

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

MORE STORIES

Live AajTak TV

वोट जरूर करें

क्या आप मानते हैं कि कुछ संगठन अपने फायदे के लिए बंद आयोजित कर देश का नुकसान करते हैं?

View Results

Loading ... Loading ...

विज्ञापन बॉक्स

[Rich_Web_Slider id="1"]

RASHIFAL

LIVE CRICKET

WEATHER UPDATE

+38
°
C
High:+41
Low:+31
Wed
Thu
Fri
Sat
[covid19-country-updates country=IN country_list=0 layout=3 label="India Covid19 Data" colors="#d80027,#0052b4"]

Stock Market Update

Panchang

LIVE FM

    [Rich_Web_Slider id="1"]
    error: Content is protected !!